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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 195

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

मास दिवस कर दिवस भा मरम न जानइ कोइ । रथ समेत रबि थाकेउ निसा कवन बिधि होइ ॥ १९५ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

महीनेभरका दिन हो गया। इस रहस्यको कोई नहीं जानता। सूर्य अपने रथसहित वहाँ रुक गये, फिर रात किस तरह होती ॥ १९५ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 195 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik