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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 196

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

मन संतोषे सबन्हि के जहँ तहँ देहिं असीस । सकल तनय चिर जीवहुँ तुलसिदास के ईस ॥ १९६ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

राजाने सबके मनको संतुष्ट किया। [इसीसे] सब लोग जहाँ-तहाँ आशीर्वाद दे रहे थे कि तुलसीदासके स्वामी सब पुत्र (चारों राजकुमार) चिरजीवी (दीर्घायु) हों ॥ १९६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 196 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik