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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 219

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

रुचिर चौतनीं सुभग सिर मेचक कुंचित केस । नख सिख सुंदर बंधु दोउ सोभा सकल सुदेस ॥ २१९ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सिरपर सुंदर चौकोनी टोपियाँ [दिये] हैं, काले और घुँघराले बाल हैं। दोनों भाई नखसे लेकर शिखातक (एड़ीसे चोटीतक) सुंदर हैं और सारी शोभा जहाँ जैसी चाहिये वैसी ही है ॥ २१९ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 219 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik