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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 224

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सब सिसु एहि मिस प्रेमबस परम मनोहर गात । तन पुलकहिं अति हरषु हियँ देखि देखि दोउ भ्रात ॥ २२४ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सब बालक इसी बहाने प्रेमके वश होकर श्रीरामजीके मनोहर अङ्गोंको छूकर शारीर पुलकित हो रहे हैं और दोनों भाइयोंको देख-देखकर उनके हृदयमें अत्यन्त हर्ष हो रहा है ॥ २२४ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 224 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik