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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 238

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

अरुनोदयँ सकुचे कुमुद उदगन जोति मलीन । जिमि तुम्हार आगमन सुनि भए नृपति बलहीन ॥ २३८ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अरुणोदय होनेसे कुमुदिनी सकुचा गयी और तारागणोंका प्रकाश फीका पड़ गया, जिस प्रकार आपका आना सुनकर सब राजा बलहीन हो गये हैं ॥ २३८ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 238 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik