ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 263

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

संग सखीं सुंदर चतुर गावहिं मंगलचार । गवनी बाल मराल गति सुषमा अंग अपार ॥ २६३ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

साथमें सुंदर चतुर सखियाँ मंगलाचारके गीत गा रही हैं। सीताजी बालहंसिनीकी चालसे चलीं। उनके अंगोंमें अपार शोभा है ॥ २६३ ॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 263 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik