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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 266

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

देखहु रामहि नयन भरि तजि इरिषा मदु कोहु । लखन रोषु पावकु प्रबल जानि सलभ जनि होहु ॥ २६६ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

ईर्ष्या, घमंड और क्रोध छोड़कर नेत्र भरकर श्रीरामजीकी छवि देख लो। लक्ष्मणके क्रोधको प्रबल अग्नि जानकर उसमें पतंगे मत बनो ॥ २६६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 266 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik