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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 271

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

रे नृप बालक काल बस बोलत तोहि न सँभार । धनुही सम तिपुरारि धनु बिदित सकल संसार ॥ २७१ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अरे राजपुत्र! कालके वश होनेसे तुझे बोलनेमें कुछ भी होश नहीं है। सारे संसारमें विख्यात शिवजीका यह धनुष क्या धनुहीके समान है? ॥ २७१ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 271 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik