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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 276

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

लखन उतर आहुति सरिस भृगुबर कोपु कृसानु । बढ़त देखि जल सम बचन बोले रघुकुलभानु ॥ २७६ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

लक्ष्मणजीके उत्तरसे, जो आहुतिके समान थे, परशुरामजीके क्रोधरूपी अग्निको बढ़ते देखकर रघुकुलके सूर्य श्रीरामचन्द्रजी जलके समान शांत करनेवाले वचन बोले ॥ २७६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 276 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik