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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 286

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

तदपि जाइ तुम्ह करहु अब जथा बंस ब्यवहारु । बूझि बिप्र कुलबृद्ध गुर बेद बिदित आचारु ॥ २८६ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तथापि तुम जाकर अपने कुल का जैसा व्यवहार हो, ब्राह्मणों, कुल के बूढ़ों और गुरुओं से पूछकर और वेदों में वर्णित जैसा आचार हो वैसा करो ॥ २८६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 286 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik