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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 287

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

हरित मनिन्ह के पत्र फल पदुमराग के फूल । रचना देखि बिचित्र अति मनु बिरंचि कर भूल ॥ २८७ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हरी-हरी मणियों (पन्ने) के पत्ते और फल बनाए तथा पद्मराग मणियों (माणिक) के फूल बनाए । मंडप की अत्यन्त विचित्र रचना देखकर ब्रह्मा का मन भी भूल गया ॥ २८७ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 287 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik