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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 288

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सौरभ पल्लव सुभग सुठि किए नीलमनि कोरि । हेम बौर मरकत घवरि लसत पाटमय डोरि ॥ २८८ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

नील मणि को कोरकर अत्यन्त सुंदर आम के पत्ते बनाए । सोने के बौर (आम के फूल) और रेशम की डोरी से बँधे हुए पन्ने के बने फलों के गुच्छे सुशोभित हैं ॥ २८८ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 288 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik