ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 292

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

तहाँ राम रघुबंसमनि सुनिअ महा महिपाल । भंजेउ चाप प्रयास बिनु जिमि गज पंकज नाल ॥ २९२ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे महाराज! सुनिए, वहाँ (जहाँ ऐसे-ऐसे योद्धा हार मान गए) रघुवंशमणि श्री रामचन्द्रजी ने बिना ही प्रयास शिवजी के धनुष को वैसे ही तोड़ डाला जैसे हाथी कमल की डंडी को तोड़ डालता है! ॥ २९२ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 292 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik