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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 294

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

चलहु बेगि सुनि गुर बचन भलेहिं नाथ सिरु नाई । भूपति गवने भवन तब दूतन्ह बासु देवाइ ॥ २९४ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

और जल्दी चलो । गुरुजी के ऐसे वचन सुनकर, हे नाथ! बहुत अच्छा कहकर और सिर नवाकर तथा दूतों को डेरा दिलवाकर राजा महल में गए ॥ २९४ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 294 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik