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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 296

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

मंगलमय निज निज भवन लोगन्ह रचे बनाइ । बीथीं सींचीं चतुरसम चौकें चारु पुराइ ॥ २९६ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

लोगों ने अपने-अपने घरों को सजाकर मंगलमय बना लिया । गलियों को चतुर सम से सींचा और (द्वारों पर) सुंदर चौक पुराए । (चंदन, केशर, कस्तूरी और कपूर से बने हुए एक सुगंधित द्रव को चतुरसम कहते हैं) ॥ २९६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 296 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik