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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 299

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

चढ़ि चढ़ि रथ बाहेर नगर लागी जुरन बरात । होत सगुन सुंदर सबहि जो जेहि कारज जात ॥ २९९ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

रथों पर चढ़-चढ़कर बारात नगर के बाहर जुटने लगी, जो जिस काम के लिए जाता है, सभी को सुंदर शकुन होते हैं ॥ २९९ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 299 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik