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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 307

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

भूप बिलोके जबहिं मुनि आवत सुतन्ह समेत । उठे हरषि सुखसिंधु महुँ चले थाह सी लेत ॥ ३०७ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जब राजा दशरथजी ने पुत्रों सहित मुनि को आते देखा, तब वे हर्षित होकर उठे और सुख के समुद्र में थाह सी लेते हुए चले ॥ ३०७ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 307 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik