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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 310

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

बारहिं बार सनेह बस जनक बोलाउब सीय । लेन आइहहिं बंधु दोउ कोटि काम कमनीय ॥ ३१० ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जनकजी स्नेहवश बार-बार सीताजी को बुलावेंगे और करोड़ों कामदेवों के समान सुंदर दोनों भाई सीताजी को लेने (विदा कराने) आया करेंगे ॥ ३१० ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 310 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik