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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 330

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

बामदेउ अरु देवरिषि बालमीकि जाबालि । आए मुनिबर निकर तब कौसिकादि तपसालि ॥ ३३० ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब वामदेव, देवर्षि नारद, वाल्मीकि, जाबालि और विश्वामित्र आदि तपस्वी श्रेष्ठ मुनियों के समूह के समूह आए ॥ ३३० ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 330 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik