ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 339

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुर प्रसून बरषहिं हरषि करहिं अपछरा गान। चले अवधपति अवधपुर मुदित बजाइ निसान॥339॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

देवता हर्षित होकर फूल बरसा रहे हैं और अप्सराएँ गान कर रही हैं। अवधपति दशरथजी नगाड़े बजाकर आनंदपूर्वक अयोध्यापुरी चले॥339॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस