ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 343

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

बीच बीच बर बास करि मग लोगन्ह सुख देत। अवध समीप पुनीत दिन पहुँची आइ जनेत॥343॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

बीच-बीच में सुंदर मुकाम करती हुई तथा मार्ग के लोगों को सुख देती हुई वह बारात पवित्र दिन में अयोध्यापुरी के समीप आ पहुँची॥343॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस