ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 345

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

दिए दान बिप्रन्ह बिपुल पूजि गनेस पुरारि। प्रमुदित परम दरिद्र जनु पाइ पदारथ चारि॥345॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

गणेशजी और त्रिपुरारि शिवजी का पूजन करके उन्होंने ब्राह्मणों को बहुत सा दान दिया। वे ऐसी परम प्रसन्न हुईं, मानो अत्यन्त दरिद्री चारों पदार्थ पा गया हो॥345॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 345 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik