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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 346

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

कनक थार भरि मंगलन्हि कमल करन्हि लिएँ मात। चलीं मुदित परिछनि करन पुलक पल्लवित गात॥346॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सोने के थालों को मांगलिक वस्तुओं से भरकर अपने कमल के समान कोमल हाथों में लिए हुए माताएँ आनंदित होकर परछन करने चलीं। उनके शरीर पुलकावली से छा गए हैं॥346॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 346 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik