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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 354

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुतन्ह समेत नहाइ नृप बोलि बिप्र गुर ग्याति। भोजन कीन्ह अनेक बिधि घरी पंच गइ राति॥354॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

पुत्रों सहित स्नान करके राजा ने ब्राह्मण, गुरु और कुटुम्बियों को बुलाकर अनेक प्रकार के भोजन किए। यह सब करते-करते पाँच घड़ी रात बीत गई॥354॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 354 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik