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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 355

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

लरिका श्रमित उनीद बस सयन करावहु जाइ। अस कहि गे बिश्रामगृहँ राम चरन चितु लाइ॥355॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

लड़के थके हुए नींद के वश हो रहे हैं, इन्हें ले जाकर शयन कराओ। ऐसा कहकर राजा श्रीरामचन्द्रजी के चरणों में मन लगाकर विश्राम भवन में चले गए॥355॥

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