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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 358

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

कीन्हि सौच सब सहज सुचि सरित पुनीत नहाइ। प्रातक्रिया करि तात पहिं आए चारिउ भाइ॥358॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

स्वभाव से ही पवित्र चारों भाइयों ने सब शौचादि से निवृत्त होकर पवित्र सरयू नदी में स्नान किया और प्रातःक्रिया करके वे पिता के पास आए॥358॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 358 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik