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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 35

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जस मानस जेहि बिधि भयउ जग प्रचार जेहि हेतु । अब सोइ कहउँ प्रसंग सब सुमिरि उमा बृषकेतु ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

यह रामचरितमानस जैसा है, जिस प्रकार बना है और जिस हेतुसे जगतमें इसका प्रचार हुआ, अब वही सब कथा मैं श्रीउमा-महेश्वरका स्मरण करके कहता हूँ ॥ ३५ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 35 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik