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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 36

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुठि सुंदर संबाद बर बिरचे बुद्धि बिचारि । तेइ एहि पावन सुभग सर घाट मनोहर चारि ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इस कथामें बुद्धिसे विचारकर जो चार अत्यन्त सुन्दर और उत्तम संवाद (भुशुण्डि-गरुड़, शिव-पार्वती, याज्ञवल्क्य-भरद्वाज और तुलसीदास और संत) रचे हैं, वही इस पवित्र और सुन्दर सरोवरके चार मनोहर घाट हैं ॥ ३६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 36 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik