ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 40

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

बालचरित चहु बंधु के बनज बिपुल बहुरंग । नृप रानी परिजन सुकृत मधुकर बारि बिहंग ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

चारों भाइयोंके जो बालचरित हैं, वे ही इसमें खिले हुए रंग-बिरंगे बहुत-से कमल हैं। महाराज श्रीदशरथजी तथा उनकी रानियों और कुटुम्बियोंके सत्कर्म (पुण्य) ही भ्रमर और जल-पक्षी हैं ॥ ४० ॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 40 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik