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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 41

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

समन अमित उतपात सब भरतचरित जपजाग । कलि अघ खल अवगुन कथन ते जलमल बग काग ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सम्पूर्ण अनगिनत उत्पातोंको शान्त करनेवाला भरतजीका चरित्र नदी-तटपर किया जानेवाला जपयज्ञ है। कलियुगके पापों और दुष्टोंके अवगुणोंके जो वर्णन हैं वे ही इस नदीके जलका कीचड़ और बगुले-कौए हैं ॥ ४१ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 41 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik