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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 42

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

अवलोकनि बोलनि मिलनि प्रीति परस्पर हास । भायप भलि चहु बंधु की जल माधुरी सुबास ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

चारों भाइयोंका परस्पर देखना, बोलना, मिलना, एक-दूसरेसे प्रेम करना, हँसना और सुन्दर भाईपन इस जलकी मधुरता और सुगन्ध हैं ॥ ४२ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 42 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik