ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 61

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

पिता भवन उत्सव परम जौं प्रभु आयसु होइ । तौ मैं जाउँ कृपायतन सादर देखन सोइ ॥ ६१ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे प्रभो! मेरे पिताके घर बहुत बड़ा उत्सव है। यदि आपकी आज्ञा हो तो हे कृपाधाम! मैं आदरसहित उसे देखने जाऊँ ॥ ६१ ॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 61 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik