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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 69

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जौं अस हठ करहिं नर जड़ बिबेक अभिमान । परहिं कल्प भरि नरक महुँ जीव कि ईस समान ॥ ६९ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

यदि मूर्ख मनुष्य ज्ञानके अभिमानसे इस प्रकार हठ करते हैं तो वे कल्पभरके लिये नरकमें पड़ते हैं। भला, कहीं जीव भी ईश्वरके समान (सर्वथा स्वतन्त्र) हो सकता है? ॥ ६९ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 69 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik