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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 72

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुनहि मातु मैं दीख अस सपन सुनावउँ तोहि । सुंदर गौर सुबिप्रबर अस उपदेसेउ मोहि ॥ ७२ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

माँ! सुन, मैं तुझे सुनाती हूँ; मैंने ऐसा स्वप्न देखा है कि मुझे एक सुंदर गौरवर्ण श्रेष्ठ ब्राह्मणने ऐसा उपदेश दिया है- ॥ ७२ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 72 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik