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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 75

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

चिदानंद सुखधाम सिव बिगत मोह मद काम । बिचरहिं महि धरि हृदयँ हरि सकल लोक अभिराम ॥ ७५ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

चिदानन्द, सुखके धाम, मोह, मद और कामसे रहित शिवजी सम्पूर्ण लोकोंको आनन्द देनेवाले भगवान् श्रीहरि (श्रीरामचन्द्रजी) को हृदयमें धारण कर (भगवान्‌के ध्यानमें मस्त हुए) पृथ्वीपर विचरने लगे ॥ ७५ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 75 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik