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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 78

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुनत बचन बिहसे ऋषय गिरिसंभव तब देह । नारद कर उपदेसु सुनि कहहु बसेउ किसु गेह ॥ ७८ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

पार्वतीजीकी बात सुनते ही ऋषिलोग हँस पड़े और बोले- तुम्हारा शरीर पर्वतसे ही तो उत्पन्न हुआ है! भला, कहाँ तो नारदका उपदेश सुनकर आजतक किसका घर बसा है? ॥ ७८ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 78 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik