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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 90

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

हियँ हरषे मुनि बचन सुनि देखि प्रीति बिस्वास । चले भवानीहि नाइ सिर गए हिमाचल पास ॥ ९० ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

पार्वतीके वचन सुनकर और उनका प्रेम तथा विश्वास देखकर मुनि हृदयमें बड़े प्रसन्न हुए। वे भवानीको सिर नवाकर चल दिये और हिमाचलके पास पहुँचे ॥ ९० ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 90 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik