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एकादशी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(202)

एकादशी तिथि से जुड़े 202 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

लोक

एकादशी श्राद्ध में पिपीलिका बलि क्यों?

चींटियों और सूक्ष्म जीवों के लिए।

#पिपीलिका बलि#चींटी#सूक्ष्म जीव
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एकादशी श्राद्ध में श्वान बलि क्यों?

यममार्ग के पथ-प्रदर्शक हेतु।

#श्वान बलि#कुत्ता#यममार्ग
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एकादशी श्राद्ध में काक बलि क्यों?

कौआ पितृ संदेशवाहक माना गया है।

#काक बलि#कौआ#यमदूत
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एकादशी श्राद्ध में गौ बलि क्यों?

गाय के लिए पवित्र अर्पण।

#गौ बलि#गाय#पंचबलि
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एकादशी श्राद्ध में पंचबलि क्या है?

पांच जीव/देव अंशों को अर्पण।

#पंचबलि#एकादशी श्राद्ध#श्राद्ध विधि
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एकादशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

मुख्य श्राद्ध सुबह नहीं, कुतुप-अपराह्न में करें।

#सुबह श्राद्ध#मुहूर्त#एकादशी
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एकादशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या?

नहीं, शाम को श्राद्ध निषिद्ध है।

#शाम श्राद्ध#सायाह्न#निषेध
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एकादशी श्राद्ध में अपराह्न काल क्यों?

यह पितृ कर्म का मुख्य काल है।

#अपराह्न#श्राद्ध समय#पितृ कर्म
लोक

एकादशी श्राद्ध में रौहिण मुहूर्त क्या है?

कुतुप के बाद का शुभ श्राद्ध समय।

#रौहिण मुहूर्त#पिण्डदान#श्राद्ध
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एकादशी श्राद्ध में कुतुप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पवित्र समय।

#कुतुप मुहूर्त#श्राद्ध काल#एकादशी
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एकादशी श्राद्ध का सही मुहूर्त कौन सा है?

कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल।

#कुतुप#रौहिण#अपराह्न
लोक

एकादशी श्राद्ध में दक्षिण दिशा क्यों?

दक्षिण दिशा पितरों की दिशा है।

#दक्षिण दिशा#पितर#श्राद्ध विधि
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एकादशी श्राद्ध में नाम गोत्र क्यों बोलते हैं?

पितर की पहचान के लिए।

#नाम गोत्र#संकल्प#पितर
लोक

एकादशी श्राद्ध में कुशा क्यों जरूरी है?

कुशा श्राद्ध को पवित्र करती है।

#कुशा#पवित्री#श्राद्ध विधि
लोक

एकादशी श्राद्ध में काले तिल क्यों?

वे पितृ तर्पण और रक्षा के लिए आवश्यक हैं।

#काले तिल#तर्पण#विष्णु
लोक

एकादशी श्राद्ध में तर्पण कैसे करें?

तिल, कुशा और जल से।

#तर्पण#काले तिल#कुशा
लोक

एकादशी श्राद्ध में पितरों को अन्न कैसे मिलता है?

फलाहार, तर्पण और अमन्न दान से।

#पितृ तृप्ति#तर्पण#फलाहार
लोक

एकादशी श्राद्ध में भगवान विष्णु की भूमिका क्या है?

पितृ कर्म विष्णु आराधना का अंग है।

#भगवान विष्णु#श्राद्ध#पितृ मोक्ष
लोक

एकादशी श्राद्ध में शालिग्राम पूजा क्यों?

विष्णु कृपा और पितृ मोक्ष के लिए।

#शालिग्राम#विष्णु#इन्दिरा एकादशी
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एकादशी श्राद्ध में विष्णु पूजा क्यों जरूरी है?

क्योंकि एकादशी विष्णु-प्रिय तिथि है।

#विष्णु पूजा#एकादशी#पितृ श्राद्ध
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एकादशी श्राद्ध का प्रसाद गाय को दे सकते हैं क्या?

हाँ, गाय को दे सकते हैं।

#श्राद्ध प्रसाद#गाय#एकादशी
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एकादशी श्राद्ध में आघ्राण क्या है?

श्राद्ध भोजन को केवल सूँघना।

#आघ्राण#श्राद्ध प्रसाद#एकादशी
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एकादशी व्रती श्राद्धकर्ता क्या करे?

प्रसाद सूँघकर जल में प्रवाहित या गाय को दे।

#व्रती श्राद्धकर्ता#आघ्राण#एकादशी व्रत
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एकादशी श्राद्ध में ब्राह्मण को क्या खिलाएं?

फलाहार या सीधा दान।

#ब्राह्मण भोजन#फलाहार#एकादशी
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एकादशी श्राद्ध में सीधा दान क्या है?

कच्ची भोजन सामग्री का दान।

#सीधा दान#अमन्न#ब्राह्मण दान
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एकादशी श्राद्ध में अमन्न दान क्या है?

कच्चे अन्न का दान।

#अमन्न दान#कच्चा अन्न#एकादशी श्राद्ध
लोक

एकादशी श्राद्ध में फलाहार क्यों?

एकादशी के अन्न निषेध को बचाने के लिए।

#फलाहार#एकादशी व्रत#श्राद्ध
लोक

एकादशी श्राद्ध में खोआ पिण्ड क्यों?

अन्न निषेध के कारण।

#खोआ पिण्ड#फलाहार#एकादशी
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एकादशी पर चावल का पिण्ड दे सकते हैं क्या?

नहीं, फलाहारी पिण्ड दें।

#चावल पिण्ड#एकादशी निषेध#श्राद्ध
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एकादशी श्राद्ध में पिण्डदान कैसे करें?

खोआ या फलाहारी सामग्री से पिण्ड दें।

#पिण्डदान#फलाहार#एकादशी श्राद्ध
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एकादशी श्राद्ध में अन्न क्यों वर्जित है?

क्योंकि एकादशी पर अन्न पापयुक्त माना गया है।

#अन्न निषेध#एकादशी#पाप पुरुष
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एकादशी को हरिवासर क्यों कहते हैं?

क्योंकि यह श्रीहरि विष्णु की प्रिय तिथि है।

#हरिवासर#एकादशी#विष्णु
लोक

एकादशी श्राद्ध क्यों विशेष है?

क्योंकि यह विष्णु-प्रिय तिथि और पितृ तिथि दोनों है।

#एकादशी महत्व#हरिवासर#श्राद्ध
लोक

एकादशी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?

पुराण, स्मृति और श्राद्ध तत्त्व इसका आधार हैं।

#शास्त्रीय आधार#गरुड़ पुराण#श्राद्ध तत्त्व
लोक

एकादशी को मृत्यु हो तो श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष की एकादशी को।

#एकादशी मृत्यु#श्राद्ध नियम#पितृ पक्ष
लोक

ग्यारस का श्राद्ध क्या होता है?

एकादशी श्राद्ध को ही ग्यारस श्राद्ध कहते हैं।

#ग्यारस श्राद्ध#एकादशी#पितृ श्राद्ध
लोक

एकादशी श्राद्ध किनके लिए होता है?

एकादशी को मृत गृहस्थ पितरों के लिए।

#एकादशी पितर#गृहस्थ#श्राद्ध
लोक

एकादशी श्राद्ध कब किया जाता है?

पितृ पक्ष की एकादशी को।

#एकादशी#श्राद्ध तिथि#महालय
लोक

एकादशी श्राद्ध क्या है?

एकादशी को दिवंगत गृहस्थ पितरों का श्राद्ध।

#एकादशी श्राद्ध#ग्यारस श्राद्ध#पितृ पक्ष
लोक

सूतक के बाद अष्टमी श्राद्ध कब करें?

सूतक बाद उचित उपलब्ध तिथि पर।

#सूतक नियम#एकादशी#अमावस्या
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संन्यासी का श्राद्ध कब करें?

संन्यासी का श्राद्ध एकादशी या द्वादशी को होता है।

#संन्यासी श्राद्ध#एकादशी#द्वादशी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

श्राद्ध द्वादशी को क्यों करना चाहिए?

एकादशी श्राद्ध वर्जित है, इसलिए श्राद्ध अगले दिन द्वादशी को किया जाना चाहिए।

#श्राद्ध#द्वादशी#एकादशी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशी श्राद्ध का दोष क्या बताया गया है?

एकादशी श्राद्ध से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों नरकगामी बताए गए हैं।

#एकादशी श्राद्ध#दोष#नरकगामी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशी के दिन श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए?

एकादशी श्राद्ध करने से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों को नरकगामी बताया गया है, इसलिए श्राद्ध द्वादशी को करना चाहिए।

#एकादशी#श्राद्ध#गरुड़ पुराण
नियम और निषेध

एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे करें?

एकादशी पारण: द्वादशी को प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में। पद्म पुराण: पारण में आँवला और बेर अवश्य खाएं — उच्छिष्ट दोष मिटता है। स्वतः गिरे तुलसी पत्ते का सेवन कर व्रत पूर्ण।

#एकादशी पारण#द्वादशी#आँवला बेर
नियम और निषेध

एकादशी को तुलसी पत्र क्यों नहीं तोड़ते?

एकादशी, द्वादशी, संक्रांति, रविवार और ग्रहण पर तुलसी पत्र तोड़ना निषिद्ध। समाधान: एक दिन पहले (दशमी) को तोड़कर रख लें। तुलसी पत्र 11 दिन तक बासी नहीं — गंगाजल से धोकर पुनः उपयोग कर सकते हैं।

#एकादशी तुलसी पत्र#निषेध#दशमी को तोड़ें
शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को कैसे जगाते हैं?

जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते...' शंख, घंटा, मृदंग, नगाड़े बजाते हैं। सूप या थाली बजाना लोक-परंपरा। इस मंत्र उच्चारण से चातुर्मास का समापन और विवाह आदि मांगलिक कार्यों का आरंभ शास्त्रसम्मत होता है।

#भगवान जागरण मंत्र#उत्तिष्ठ गोविंद#शंख घंटा
रुद्राभिषेक का सही समय

कैलाश वास तिथि पर रुद्राभिषेक करने से क्या होता है?

कैलाश वास तिथि (चतुर्थी, एकादशी, पंचमी, द्वादशी) पर रुद्राभिषेक करने से मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद वृद्धि होती है — यह शुभ तिथि मानी जाती है।

#कैलाश वास#चतुर्थी#एकादशी
नियम और वर्जनाएं

एकादशी के दिन दातून करना और दिन में सोना क्यों वर्जित है?

पेड़ को नुकसान पहुंचाना मना है, इसलिए लकड़ी की दातून नहीं करनी चाहिए। दिन में सोने से आलस्य आता है और एकादशी के 'रात्रि जागरण' का पुण्य खत्म हो जाता है।

#शारीरिक क्रियाएँ#दातून निषेध#दिवा निद्रा
नियम और वर्जनाएं

एकादशी के दिन चावल (अन्न) खाना क्यों मना है?

शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन अनाज में पाप का वास होता है। इसलिए इस दिन चावल या कोई भी अन्न (अनाज), दाल, लहसुन, प्याज बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।

#अन्न निषेध#चावल#पाप भक्षण
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
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होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।