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1 मई 2026

1 मई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

1 मई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
स्वाति
योग
सिद्धि
करण
विष्टि
वार
शुक्रवार
हिन्दू मास
वैशाख
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:56

आज के पर्व

कूर्मबुद्धवैशाखAnvadhan

1 मई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

विष्णु जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

विष्णु-पूजा के लिए — गुरुवार (प्रमुख दिन, पीले वस्त्र और केले का भोग), एकादशी (प्रिय तिथि), वैशाख और कार्तिक मास (विशेष पुण्यकारी)। जन्माष्टमी और रामनवमी अवतार-पर्व हैं।

पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

शुक्रवार को सफेद वस्तुएं दान करने का क्या महत्व है?

शुक्रवार शुक्र ग्रह का दिन है, सफेद रंग शुक्र का कारक है। सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, वस्त्र, मिश्री) का दान करने से शुक्र मजबूत होता है — वैवाहिक सुख, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि बढ़ती है।

शुक्रवार को कौन से काम शुभ?

शुक्रवार=शुक्र(लक्ष्मी/सौंदर्य)। खरीदारी, वाहन, कपड़े, आभूषण, कला, गृहप्रवेश। संतोषी/लक्ष्मी पूजा। खट्टा वर्जित(व्रत)।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

राम जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

राम पूजा के लिए — मंगलवार (हनुमान के साथ), रामनवमी (चैत्र शुक्ल नवमी, जन्म-दिवस) सर्वोत्तम। नित्य राम-नाम जप में कोई भी दिन उत्तम है। शनिवार को हनुमान-राम पूजन शनि-पीड़ा निवारण के लिए विशेष।

वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और कथा क्या है?

11/21 शुक्रवार। संध्या पूजा, कमल, घी दीपक। व्रत कथा सुनें। खीर भोग। कथा पुस्तक दूसरी को दें। कथा: निर्धन→व्रत→धन; अपमान→दरिद्रता; पुनः व्रत→सुख। लोक परंपरा।

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करने का विशेष विधान क्या है?

शुक्रवार = लक्ष्मी दिन। सफेद/गुलाबी वस्त्र, कमल, कुमकुम, घी दीपक। श्री सूक्त / चालीसा + 108 जप। खीर भोग। व्रत: निराहार/फलाहार, सफेद वस्तु दान। संध्या तुलसी दीपक।

शिव पूजा में अमावस्या और पूर्णिमा में कौन सा दिन श्रेष्ठ है?

अमावस्या > पूर्णिमा (शिव = संहारक, अंधकार)। किन्तु सर्वश्रेष्ठ = चतुर्दशी (शिवरात्रि)। पूर्णिमा: गुरु पूर्णिमा (शिव=आदि गुरु), श्रावण पूर्णिमा शुभ। शिव = काल से परे — कोई भी तिथि शुभ।

संतोषी माता व्रत कथा और पूजा विधि क्या है?

16 शुक्रवार व्रत। भोग: गुड़+चना। खट्टा सर्वथा वर्जित (खाना+खिलाना)। एक समय भोजन। व्रत कथा+आरती। उद्यापन: 8 बालकों को भोजन। कथा: छोटी बहू → माता दर्शन → व्रत → सुख-समृद्धि। पुराणों में स्पष्ट उल्लेख नहीं — लोक परंपरा आधारित।

ध्यान में विपश्यना तकनीक क्या है?

'विशेष दर्शन' (बुद्ध)। श्वास→शरीर scan→संवेदना साक्षी→अनित्यता ('सब बदलता')→समता। Goenka: 10 दिन मौन (निःशुल्क)। Igatpuri HQ। तनाव↓, जागरूकता↑। सबके लिए।

समुद्र मंथन में भगवान विष्णु कहाँ-कहाँ उपस्थित थे?

विष्णु मार्गदर्शक, कूर्म, पर्वत-संरक्षक, गुणरूप और मोहिनी रूप में उपस्थित थे।

अष्टमी पर पूर्णिमा पितर का श्राद्ध कर सकते हैं?

हाँ, छूटने पर अष्टमी विकल्प है।

कमला देवी की पूजा कब और कैसे करते हैं?

कमला पूजा का समय: प्रत्येक शुक्रवार + दीपावली अमावस्या। धनतेरस से दीपावली तक लक्ष्मी-कुबेर पूजन। ब्रह्म मुहूर्त = शुभ समय।

माँ त्रिपुर सुंदरी की साधना कब करनी चाहिए?

माँ त्रिपुर सुंदरी साधना का शुभ काल: शुक्रवार = विशेष शुभ। गुप्त नवरात्रि और पूर्णिमा भी उपयुक्त। अन्य शुभ तिथियों पर भी साधना की जा सकती है।

माँ बगलामुखी की साधना कब करनी चाहिए?

बगलामुखी साधना का शुभ काल: गुप्त नवरात्रि में विशेष शुभ। यंत्र स्थापना = शुक्रवार। साधना का उत्तम समय = रात्रि 9 से 12 बजे के बीच।

वसंत पंचमी 2026 में कब है?

वसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी, शुक्रवार। पंचमी तिथि: 23 जनवरी 02:28 से 24 जनवरी 01:46 तक। पूजा का शास्त्रसम्मत मुहूर्त: प्रातः 07:15 से दोपहर 12:50 तक।

नवरात्रि में जौ कैसे बोते हैं?

जौ बोने की विधि: चौड़े मुँह के मिट्टी पात्र में पवित्र मिट्टी की परत बिछाएं → सप्तधान्य (जौ, गेहूं आदि) बोएं → 9 दिन सूक्ष्म मात्रा में जल दें। दशमी पर 3-5 इंच के हरे अंकुर ('जयंती') काटकर परिवार को धारण कराएं।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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