ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
1 अगस्त 2026

1 अगस्त 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

1 अगस्त 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण तृतीया
नक्षत्र
शतभिषा
योग
शोभन
करण
वणिज
वार
शनिवार
हिन्दू मास
श्रावण
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
19:12

आज के पर्व

व्रत

1 अगस्त 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

बरगद पेड़ की पूजा — वट सावित्री व्रत में?

वट सावित्री=ज्येष्ठ अमावस्या(पति दीर्घायु)। बरगद पर जल+दूध+रोली→मौली बांधें→7 परिक्रमा→कथा सुनें→व्रत। सावित्री ने यमराज से पति प्राण वापस लिए। बरगद=अमरत्व।

एकादशी को कौन से काम न करें?

एकादशी=विष्णु व्रत। न करें: अन्न(चावल विशेष), मांस, दिन सोना, क्रोध, झूठ। करें: विष्णु पूजा, गीता, व्रत, जप, दान। उपवास+भक्ति दिन।

शिव व्रत रखकर यदि टूट जाए तो प्रायश्चित्त क्या है?

क्षमा प्रार्थना + क्षमापन स्तोत्र। अगले सोमवार/शिवरात्रि पर व्रत। रुद्राभिषेक, 108 महामृत्युंजय, गरीबों को भोजन दान। व्रत भंग = पाप नहीं — शिव दंडित नहीं करते, भक्ति जारी रखें।

पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

मंत्र जप में एकादशी का क्या विशेष महत्व है?

विष्णु तिथि — विष्णु/कृष्ण जप सर्वोत्तम। उपवास+जप = द्विगुणित। सात्विक ऊर्जा। निर्जला = सबसे शक्तिशाली। 11 = एकादश रुद्र/सिद्धि।

संकट चतुर्थी व्रत की विधि और कथा क्या है?

कृष्ण पक्ष चतुर्थी (मासिक)। संध्या पूजा, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, कथा श्रवण। चंद्रोदय बाद पारण। कथा: ब्राह्मण→व्रत→संकट दूर। माघ चतुर्थी सर्वश्रेष्ठ।

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

श्रावण मास में प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का नियम क्या है?

प्रातःकाल सर्वोत्तम। गंगाजल श्रेष्ठ, शुद्ध जल भी स्वीकार्य। तांबे/कांसे/मिट्टी के लोटे से (शंख वर्जित)। 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए। जलाधारी उत्तर दिशा। शिव पुराण: 'जलेन वृष्टिमाप्नोति' = धन प्राप्ति। केवल सोमवार नहीं, प्रतिदिन चढ़ाएं। निर्माल्य जल ग्रहण न करें।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

व्रत उपवास के वैज्ञानिक लाभ?

Autophagy(Nobel 2016): 12-16hr उपवास=कोशिका सफाई। इंसुलिन/Diabetes सुधार, Fat burning, Brain BDNF, हृदय, Longevity। एकादशी(15 दिन)=5000 वर्ष पहले वही=Nobel 2016। Diabetes/गर्भवती=डॉक्टर।

श्रावण मास में सोमवार व्रत कैसे रखें, विधि सहित?

सूर्योदय पूर्व स्नान → संकल्प → जलाभिषेक → पंचामृत → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र → कर्पूर आरती। निराहार/फलाहार (अन्न-नमक वर्जित)। ब्रह्मचर्य। संध्या पूजा + कथा। सभी सोमवार व्रत — अधूरा अशुभ।

अविवाहित लड़की सोमवार व्रत रख सकती क्या?

हाँ — विशेष शुभ। 16 सोमवार=अच्छा वर। पार्वती ने शिव हेतु व्रत किया। श्रावण सोमवार विशेष। शिवलिंग स्पर्श=परंपरा भिन्न (शास्त्रीय निषेध नहीं)। शिव=अर्धनारीश्वर।

महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि की पूजा में क्या अंतर है?

मासिक: हर माह कृष्ण चतुर्दशी, सामान्य पूजा, व्रत वैकल्पिक, जागरण नहीं। महाशिवरात्रि: फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (वर्ष में 1 बार), विस्तृत 4 प्रहर पूजा, व्रत + जागरण अनिवार्य, अनंत गुना फल। महाशिवरात्रि = महापर्व।

वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और कथा क्या है?

11/21 शुक्रवार। संध्या पूजा, कमल, घी दीपक। व्रत कथा सुनें। खीर भोग। कथा पुस्तक दूसरी को दें। कथा: निर्धन→व्रत→धन; अपमान→दरिद्रता; पुनः व्रत→सुख। लोक परंपरा।

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करने का विशेष विधान क्या है?

शुक्रवार = लक्ष्मी दिन। सफेद/गुलाबी वस्त्र, कमल, कुमकुम, घी दीपक। श्री सूक्त / चालीसा + 108 जप। खीर भोग। व्रत: निराहार/फलाहार, सफेद वस्तु दान। संध्या तुलसी दीपक।

श्रावण मास में शिव मंत्र जप का अनुष्ठान कैसे करें?

संकल्प → सवा लाख (1,25,000) या यथाशक्ति → दैनिक ÷30 → ब्रह्ममुहूर्त/प्रदोष → रुद्राक्ष माला → सात्विक नियम → समापन: हवन+दान। सरल: 108/दिन पूरे सावन = ~3,240। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय।

संतोषी माता व्रत कथा और पूजा विधि क्या है?

16 शुक्रवार व्रत। भोग: गुड़+चना। खट्टा सर्वथा वर्जित (खाना+खिलाना)। एक समय भोजन। व्रत कथा+आरती। उद्यापन: 8 बालकों को भोजन। कथा: छोटी बहू → माता दर्शन → व्रत → सुख-समृद्धि। पुराणों में स्पष्ट उल्लेख नहीं — लोक परंपरा आधारित।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

शहर अनुसार पंचांग
अपने नगर का पंचांग देखें

3,000+ नगरों का सटीक पंचांग, मुहूर्त और राहु काल।