ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
13 सितंबर 2026

13 सितंबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

13 सितंबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र
हस्त
योग
शुक्ल
करण
कौलव
वार
रविवार
हिन्दू मास
भाद्रपद
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:29

आज के पर्व

जयंतीचंद्र

13 सितंबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

मानसिक तनाव और डिप्रेशन दूर करने का मंत्र

डिप्रेशन और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भगवान शिव के 'ॐ नमः शिवाय' और चंद्र देव के बीज मंत्र का गहरी सांसों के साथ मानसिक जप करना चाहिए।

सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

गजाच्छाया योग क्या है?

हस्त सूर्य, मघा चन्द्र और त्रयोदशी/अमावस्या का योग।

नवरात्रि में जौ कैसे बोते हैं?

जौ बोने की विधि: चौड़े मुँह के मिट्टी पात्र में पवित्र मिट्टी की परत बिछाएं → सप्तधान्य (जौ, गेहूं आदि) बोएं → 9 दिन सूक्ष्म मात्रा में जल दें। दशमी पर 3-5 इंच के हरे अंकुर ('जयंती') काटकर परिवार को धारण कराएं।

महामृत्युंजय मंत्र किस अध्याय में है?

महामृत्युंजय मंत्र = रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में। देवता: चंद्र। आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए।

हरतालिका तीज व्रत क्या है?

हरतालिका तीज = भाद्रपद शुक्ल तृतीया, निर्जला व्रत। कथा: हिमालय ने विष्णु से विवाह तय किया → पार्वती दुखी → सखी ने हरण कर जंगल ले गई → पार्वती ने बालू का शिवलिंग बनाकर रात भर जागरण किया → शिव प्रकट हुए और पत्नी स्वीकार किया।

तांत्रिक पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

तांत्रिक पूजा के लिए शनिवार और रविवार सबसे उत्तम दिन हैं — निशिता काल (मध्यरात्रि) में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

२ मुखी रुद्राक्ष के देवता, मंत्र और ज्योतिषीय लाभ क्या हैं?

२ मुखी रुद्राक्ष अर्धनारीश्वर स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ नमः' है और यह चंद्र ग्रह के दोष मिटाकर गो-हत्या पाप का नाश करता है।

सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि और आकाश मनुष्य के कर्म क्यों जानते हैं?

गरुड़ पुराण के तृतीय अध्याय के अनुसार सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि, आकाश, भूमि, जल, हृदय और दोनों संध्याएँ — ये सभी मनुष्य के कर्मों के नित्य साक्षी हैं। साथ ही यमराज के गुप्तचर श्रवण भी सभी कर्म जानते हैं।

रविवार को तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए क्यों?

रविवार को माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, इसलिए उस दिन पत्ते तोड़ना या जल चढ़ाना उनके व्रत को खंडित करना माना जाता है। विष्णु पुराण में यह स्पष्ट वर्जित है।

चंद्र ग्रह मजबूत करने सोमवार उपाय

सोमवार: शिव अभिषेक+'ॐ सों सोमाय नमः' 108+सफेद+दूध/चावल दान+मोती+माता सेवा+ध्यान।

कर्क राशि चंद्र मंत्र कैसे जपें

कर्क=चंद्र। 'ॐ सों सोमाय नमः' 108, सोमवार, सफेद, शिव पूजा। मोती (चांदी)। स्फटिक माला।

सूर्य ग्रह मजबूत करने रविवार उपाय

रविवार: अर्घ्य+आदित्य हृदय+'ॐ सूं सूर्याय नमः' 108+लाल वस्त्र+गुड़/गेहूं दान+माणिक+पिता सम्मान+गायत्री।

चंद्र ग्रह कमजोर होने पर मन अशांत

मन अशांत, चिंता/अवसाद, नींद, माता कलह। उपाय: शिव पूजा, 'ॐ सों सोमाय नमः', मोती (चांदी), 2 मुखी, सफेद दान, माता सेवा, ध्यान।

दो मुखी रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए

दो मुखी = अर्धनारीश्वर/चंद्रमा। दांपत्य सुधार, चंद्र दोष, मानसिक शांति, एकाग्रता (विद्यार्थी), माता कृपा। मंत्र: 'ॐ नमः'। ₹100-1,000।

मोती रत्न किसे पहनना चाहिए किस उंगली में

मोती = चंद्रमा। कर्क राशि, मानसिक शांति, माता संबंध, सौंदर्य। कनिष्ठा (दाहिना), चांदी, सोमवार, 'ॐ सों सोमाय नमः' 108 बार। ज्योतिषी परामर्श अनिवार्य — राहु/केतु प्रबल हो तो हानिकारक।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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