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8 नवंबर 2026

8 नवंबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

8 नवंबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्र
स्वाति
योग
आयुष्मान
करण
शकुनि
वार
रविवार
हिन्दू मास
कार्तिक
ऋतु
शरद
सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:31

आज के पर्व

लक्ष्मीचतुर्दशीदीपावलीअमावस्या

8 नवंबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

लक्ष्मी जी का 'ह्रीं' बीज मंत्र सिद्ध करने की विधि

'ह्रीं' माया और ऐश्वर्य का बीज है। इसे सिद्ध करने के लिए शुक्रवार की रात को उत्तर मुख होकर कमल गट्टे की माला से 'ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जप करना चाहिए।

तंत्र साधना में होली-दीपावली का क्या विशेष महत्व है?

दीपावली: काली पूजा (अमावस्या), स्थिर लग्न = यंत्र सिद्धि, लक्ष्मी+श्री यंत्र। होली: अग्नि शुद्धि + यंत्र सिद्धि। गुप्त नवरात्रि = दशमहाविद्या।

तंत्र साधना में काली रात का क्या महत्व है?

अमावस्या = काली शक्ति सर्वोच्च, तामसिक ऊर्जा (उग्र देवी), गोपनीय, मन शून्य (चंद्र अनुपस्थित)। दीपावली = काली+लक्ष्मी। सौम्य = पूर्णिमा। उन्नत — गुरु।

लक्ष्मी पूजा में कौड़ी का क्या महत्व है और कैसे रखें?

प्राचीन मुद्रा + लक्ष्मी प्रतीक (समुद्र मंथन)। तिजोरी/गल्ले में 11/21 कौड़ी लाल कपड़े में। दीपावली अनिवार्य। बटुए में 1। गंगाजल शुद्धि + 'ॐ श्रीं नमः' 11 बार।

श्री सूक्त का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?

ऋग्वेद — 15+1 ऋचाएं। प्रतिदिन/शुक्रवार/दीपावली। सफेद/गुलाबी वस्त्र, लाल आसन। लक्ष्मी+श्रीयंत्र समक्ष, घी दीपक, कमल। 16 ऋचा (माहात्म्य सहित)। विष्णु पूजा भी। फलश्रुति: 7 जन्म निर्धनता नहीं।

कमला देवी की उपासना लक्ष्मी पूजा से कैसे भिन्न है?

कमला = दसवीं महाविद्या = 'तांत्रिक लक्ष्मी'। भिन्नता: लक्ष्मी = वैष्णव, विष्णु पत्नी, सात्विक। कमला = शाक्त/तांत्रिक, स्वतंत्र शक्ति, सिद्धि+मोक्ष। स्वरूप समान (कमल, गज)। लक्ष्मी = दीक्षा अनिवार्य नहीं। कमला = गुरु दीक्षा श्रेष्ठ। सामान्य: लक्ष्मी पूजा उत्तम।

लक्ष्मी पूजा में श्रीयंत्र की स्थापना कैसे करें?

दीपावली/शुक्रवार। ईशान कोण, ताम्र/रजत/भोजपत्र। पंचामृत शुद्धि → श्री सूक्त + 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' 108। लाल कपड़ा, कमल, कुमकुम। प्रतिदिन दीपक + जप। धन समृद्धि, ऋण मुक्ति।

रुद्राभिषेक में गन्ने के रस से अभिषेक का क्या फल मिलता है?

शिव पुराण: 'श्रिया इक्षुरसेन वै' — गन्ने के रस से 'श्री' (लक्ष्मी) प्राप्ति। फल: आर्थिक समृद्धि, कर्ज मुक्ति, जीवन में मधुरता, गुरु ग्रह बल। ताजा शुद्ध रस प्रयोग करें। अभिषेक के बाद शुद्ध जल से धोएं।

शुक्रवार को कौन से काम शुभ?

शुक्रवार=शुक्र(लक्ष्मी/सौंदर्य)। खरीदारी, वाहन, कपड़े, आभूषण, कला, गृहप्रवेश। संतोषी/लक्ष्मी पूजा। खट्टा वर्जित(व्रत)।

शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाने का क्या महत्व होता है?

शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाना वर्जित है। कारण: नारियल 'श्रीफल' = लक्ष्मी का स्वरूप (विष्णु-संबंधित)। शिवलिंग का चढ़ावा ग्रहण नहीं होता — नारियल पानी व्यर्थ होगा। साबुत नारियल शिव के समक्ष रख सकते हैं, पर नारियल पानी से अभिषेक कभी न करें। शिवलिंग पर चढ़ा नारियल प्रसाद में न लें।

लक्ष्मी जी की पूजा में गणेश जी को पहले क्यों पूजते हैं?

गणेश = प्रथम पूज्य (ब्रह्मा वरदान — बिना गणेश = विघ्न)। रिद्धि-सिद्धि पति + लक्ष्मी = सम्पूर्ण समृद्धि। बुद्धि पहले → धन बाद। दीपावली: गणेश→लक्ष्मी→सरस्वती→कुबेर।

महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ने से क्या फल?

महालक्ष्मी अष्टकम=इन्द्र रचित(8 श्लोक)। धन, ऋण मुक्ति, व्यापार, गृहशांति। शुक्रवार+दीपावली। 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'। दीपावली पूजा=सर्वोत्तम।

तंत्र साधना में अमावस्या क्यों विशेष मानी जाती है?

अमावस्या = सबसे अंधेरी रात = शक्ति स्रोत (काली)। चंद्र=मन शून्य → अंतर्मुखी ध्यान। सूक्ष्म ऊर्जा तीव्र। पितृ तिथि। काली/भैरव साधना विशेष। सात्विक (तर्पण/ध्यान) = सभी। तामसिक = दीक्षित।

लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होने के क्या संकेत होते हैं?

अचानक धन लाभ, घर सुगंध, कमल दिखना, स्वप्न में लक्ष्मी/स्वर्ण, व्यापार वृद्धि, ऋण मुक्ति, शांति। अनुभव आधारित — शास्त्रीय सूची नहीं।

काली पूजा में रात को दीपदान का क्या महत्व है?

अंधकार→प्रकाश = अज्ञान नाश। अमावस्या + दीपक = काली कृपा। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय।' काली = बाहर अंधकार, भीतर ज्योति। 14 दीपक, सरसों तेल/घी, चारों कोनों + द्वार।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

अमावस्या पर तर्पण कैसे करें?

अमावस्या = पितरों का विशेष दिन। सूर्योदय से पहले स्नान, दक्षिण मुख, तिल-जल तर्पण (3 पीढ़ी)। कौवे+गाय को भोजन। पीपल जल। सात्विक भोजन। सोमवती/मौनी अमावस्या विशेष।

लक्ष्मी जी की पूजा में स्वच्छता का क्या विशेष महत्व है?

'जहां सफाई वहां लक्ष्मी, जहां गंदगी वहां अलक्ष्मी।' दीपावली: सफाई→रंग→सजावट→पूजा। गंगाजल शुद्धि। शरीर+मन दोनों। टूटी वस्तुएं/कचरा = अलक्ष्मी — हटाएं।

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