भगवान (परशुराम अवतार) नाम मंत्र
भृगुपति
वंश की रक्षा, पैतृक दोषों का शमन एवं समाज में वर्चस्व।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
वंश की रक्षा, पैतृक दोषों का शमन एवं समाज में वर्चस्व।
इस मंत्र से क्या होगा?
वंश की रक्षा, पैतृक दोषों का शमन एवं समाज में वर्चस्व
जाप विधि
कुल या वंश की वृद्धि हेतु नित्य स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
श्री कृष्णः शरणं मम
navgrah mantraॐ आङ्गिरसाय विद्महे सुराचार्याय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्।
gyan mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12