भगवान (वामनावतार) नाम मंत्र
त्रिविक्रम
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति
जाप विधि
पदोन्नति या व्यवसाय विस्तार हेतु नित्य वैखरी जप।
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द्रौं
vaidik mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
stotra mantraदिदृक्षवो यस्य पदं सुमंगलम विमुक्त संगा मुनयः सुसाधवः । चरन्त्यलोकव्रतमव्रणं वने भूतात्मभूता सुहृदः स मे गतिः ॥ 4
bhakti mantraॐ श्री कृष्णाय नमः
navgrah mantraॐ लोहिताक्षाय विद्महे भूलाभाय धीमहि तन्नोऽङ्गारकः प्रचोदयात्।
tantrik mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा