भगवान (वामनावतार) नाम मंत्र
त्रिविक्रम
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति
जाप विधि
पदोन्नति या व्यवसाय विस्तार हेतु नित्य वैखरी जप।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः
beej mantraरां
navgrah mantraॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
jap mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
dhyan mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8