ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
ग्रन्थ

श्रीमद् भागवत(464)

श्रीमद् भागवत पर शास्त्रीय व्याख्या, कथा, अर्थ, शिक्षाएँ और प्रश्नोत्तर — कुल 464 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

श्रीमद्भागवत पुराण में रसातल का क्या वर्णन है?

श्रीमद्भागवत में रसातल छठा अधोलोक है जहाँ पणि, निवातकवच, कालेय और हिरण्यपुरवासी असुर रहते हैं।

#श्रीमद्भागवत#रसातल#पणि
लोक

रसातल लोक की लंबाई और चौड़ाई कैसी है?

रसातल की लंबाई और चौड़ाई पृथ्वी के समान बताई गई है।

#रसातल लंबाई#रसातल चौड़ाई#भूमंडल
लोक

वितल लोक विराट पुरुष के किस अंग में है?

वितल लोक विराट पुरुष की ऊरुओं यानी जांघों में स्थित बताया गया है।

#विराट पुरुष#वितल लोक#जांघ
लोक

तलातल में प्रकाश कैसे होता है?

तलातल में नागों की फण-मणियों से दिव्य प्रकाश होता है।

#तलातल प्रकाश#नाग मणि#बिल-स्वर्ग
लोक

श्रीमद्भागवत पुराण में तलातल लोक का क्या वर्णन है?

भागवत पुराण में तलातल को सुतल के नीचे मय दानव का लोक बताया गया है, जो महादेव द्वारा संरक्षित है।

#श्रीमद्भागवत पुराण#तलातल#मय दानव
लोक

जनलोक किस धर्म ग्रंथों में बताया गया है?

जनलोक का वर्णन भागवत पुराण, विष्णु पुराण, वायु पुराण, ब्रह्मांड पुराण, स्कंद पुराण, मार्कण्डेय पुराण और गरुड़ पुराण में मिलता है।

#जनलोक#श्रीमद्भागवत पुराण#विष्णु पुराण
लोक

श्रीमद्भागवत पुराण में तपोलोक का क्या वर्णन है?

भागवत पुराण तपोलोक को विराट पुरुष के वक्षस्थल-ग्रीवा क्षेत्र और जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर बताता है।

#श्रीमद्भागवत पुराण#तपोलोक#विराट पुरुष
स्वाहा

स्वाहा देवी कौन हैं — उनकी उत्पत्ति कैसे हुई?

श्रीमद्भागवत और शिव पुराण: आहुतियाँ देवताओं तक न पहुँचने से देवता क्षुधा-पीड़ित → ब्रह्मा जी के अनुनय पर मूल-प्रकृति के अंश से स्वाहा देवी प्रकट हुईं। स्वाहा = प्रजापति दक्ष की पुत्री, अग्निदेव की पत्नी। श्रीकृष्ण का वरदान: अग्नि की दाहिका शक्ति के रूप में देवताओं का पोषण।

#स्वाहा देवी#दक्ष पुत्री#अग्निदेव पत्नी
देवी भागवत पुराण का आख्यान

विष्णु ने विवाद में क्या निर्णय दिया?

विष्णु का निर्णय: (1) लक्ष्मी = सात्त्विक स्वभाव → बैकुंठ में रहेंगी; (2) गंगा → शिव की जटाओं में; (3) सरस्वती = एक अंश से भारत में नदी, पूर्ण अंश से ब्रह्मलोक → ब्रह्मा की शक्ति। विष्णु की जिह्वा में भी स्थान।

#विष्णु निर्णय#लक्ष्मी बैकुंठ#गंगा शिव
देवी भागवत पुराण का आख्यान

देवी भागवत पुराण में सरस्वती, लक्ष्मी और गंगा के विवाद की कथा क्या है?

देवी भागवत पुराण (नवम स्कंध): विष्णु का गंगा पर विशेष प्रेम → सरस्वती की ईर्ष्या → लक्ष्मी को श्राप (तुलसी/नदी), गंगा का सरस्वती को श्राप (नदी बनना), सरस्वती का गंगा को श्राप। यह क्रोध-ईर्ष्या के दुष्परिणामों का दार्शनिक संदेश है।

#विवाद कथा#सरस्वती लक्ष्मी गंगा#ईर्ष्या श्राप
पुराण ज्ञान

भागवत पुराण में कितने स्कंध हैं?

भागवत पुराण में १२ स्कन्ध, ३३५ अध्याय और १८,००० श्लोक हैं। सबसे प्रसिद्ध दशम स्कन्ध है जिसमें श्रीकृष्ण की सम्पूर्ण लीलाएँ हैं। यह वेदव्यास रचित भक्तियोग का महान पुराण है।

#भागवत पुराण#स्कंध#श्रीमद्भागवतम्
भक्ति एवं आध्यात्म

नाम संकीर्तन का आध्यात्मिक लाभ क्या है

नाम-संकीर्तन के लाभ — चित्त-शुद्धि, पाप-नाश, भक्ति-उदय और मोक्ष। भागवत 12.3.52 के अनुसार यह कलियुग में सतयुग के तप, त्रेता के यज्ञ और द्वापर की पूजा का फल देता है। देश-काल का कोई बंधन नहीं।

#नाम संकीर्तन#आध्यात्मिक लाभ#कलियुग
भक्ति एवं आध्यात्म

श्रवण कीर्तन स्मरण पादसेवन अर्चन वंदन दास्य सख्य आत्मनिवेदन

नवधा भक्ति के नौ अंग — श्रवण (कथा सुनना), कीर्तन (गान), स्मरण (स्मरण), पादसेवन (चरण-सेवा), अर्चन (पूजा), वंदन (नमस्कार), दास्य (सेवक-भाव), सख्य (मित्र-भाव), आत्मनिवेदन (पूर्ण समर्पण)। एक भी पूर्ण हो तो मोक्ष मिले।

#नवधा भक्ति#श्रीमद्भागवत#श्रवण
भक्ति एवं आध्यात्म

भक्ति के नौ प्रकार कौन से हैं

नवधा भक्ति के नौ प्रकार हैं — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन। यह श्रीमद्भागवत 7.5.23 में प्रह्लाद-वचन है। रामचरितमानस अरण्यकाण्ड में राम ने शबरी को अलग रूप में यही बताया।

#नवधा भक्ति#भक्ति के नौ प्रकार#श्रीमद्भागवत
सभी ग्रन्थ
अन्य ग्रन्थ देखें

रामायण, महाभारत, गीता, पुराण, वेद, उपनिषद — सभी ग्रन्थों की सूची।

टैग खोज
विषय अनुसार खोजें

गरुड़ पुराण, बालकाण्ड, मंत्र, साधना — टैग द्वारा प्रश्न खोजें।