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तारक मंत्र से जुड़े सभी प्रश्न(9)

तारक मंत्र पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 9 प्रश्न उपलब्ध हैं।

शिव धाम महिमा

काशी को शिव की नगरी क्यों कहते हैं शिव पुराण क्या कहता है

शिव पुराण में काशी को 'अविमुक्त क्षेत्र' कहा गया है जिसे शिव कभी नहीं छोड़ते। काशी में मरने पर शिव स्वयं 'तारक मंत्र' देते हैं। काशी शिव के त्रिशूल पर स्थित और प्रलयकाल में भी अविनाशी है।

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नाम महिमा एवं भक्ति

राम नाम में कितनी शक्ति है

राम नाम 'तारक मंत्र' है — शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव स्वयं काशी में मृत्यु के समय राम-नाम सुनाते हैं। तुलसीदास कहते हैं — यह चारों युगों में और तीनों लोकों में जीव को शोकमुक्त करता है। एक 'राम' में विष्णु के हजार नामों का फल समाहित है।

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पूजा विधि एवं कर्मकांड

राम जी का सबसे प्रभावी मंत्र कौन सा है

राम के सर्वप्रभावी मंत्र — सर्वोच्च 'राम' (तारक मंत्र), नित्य जप 'श्री राम जय राम जय जय राम', बीज मंत्र 'रां रामाय नमः', और मोक्ष के लिए 'राम रामेति रामेति... सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।'

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मंत्र साधना

राम नाम जप की शक्ति और अनुभव

'राम' नाम एक तारक मंत्र है जो पापों को भस्म कर शांति देता है। इसके निरंतर जप से साधक को असीम निर्भयता, आंतरिक आनंद और भवसागर से मुक्ति का अनुभव होता है।

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ज्योतिर्लिंग

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का महत्व शिव पुराण में क्या बताया गया है?

शिव पुराण के अनुसार काशी शिव की नगरी है जो प्रलय में भी नष्ट नहीं होती। यहाँ मृत्यु पर शिव स्वयं तारक मंत्र देते हैं, इसलिए काशी मोक्षदायिनी है। विश्वनाथ के दर्शन मात्र से समस्त तीर्थों का फल मिलता है।

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रामायण और महाभारत में माँ पार्वती

रामायण में माँ पार्वती की क्या भूमिका है?

रामायण में पार्वती: (1) सती रूप में राम की परीक्षा ली (सीता का रूप धारण), (2) पुनर्जन्म में शिव से राम कथा श्रवण, (3) श्मशान में राम नाम की महिमा, (4) काशी में तारक मंत्र (राम नाम) से मोक्ष, (5) सीता को 'करुणानिधान' बताया।

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काशी के शिवलिंग

शंकुकर्णेश्वर महादेव की आराधना से क्या-क्या फल प्राप्त होते हैं?

फल — (1) असाध्य रोगमुक्ति और अकाल मृत्यु से रक्षा, (2) अष्टमेश-मारकेश ग्रह दशा शांति, (3) पितृ दोष-शाप निवारण, (4) संतान-रोजगार (40 सोमवार), (5) कैवल्य मोक्ष — शिव स्वयं तारक मंत्र देते हैं।

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तीर्थ एवं धाम

काशी में मरने पर मोक्ष क्यों मिलता है?

काशी में शिव स्वयं मरने वाले के कान में तारक मंत्र देते हैं जिससे पापी भी मोक्ष पाता है। काशी शिव का अविमुक्त क्षेत्र है जिसे वे कभी नहीं छोड़ते। मणिकर्णिका घाट पर दाह-संस्कार से आत्मा सीधे मोक्ष पाती है।

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तीर्थ एवं धाम

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का रहस्य क्या है?

काशी विश्वनाथ का सबसे बड़ा रहस्य तारक मंत्र है — यहाँ मरने वाले के कान में स्वयं शिव मुक्तिदायक मंत्र का उपदेश करते हैं, इसीलिए काशी मोक्ष नगरी है। काशी शिव के त्रिशूल पर बसी है इसलिए प्रलय में भी नष्ट नहीं होती।

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