विस्तृत उत्तर
भगवान राम के अनेक महाशक्तिशाली मंत्र हैं:
सर्वोच्च — 'राम' — यह एकाक्षर और द्व्यक्षर तारक मंत्र है। शिव पुराण में कहा गया है कि यही एकमात्र मंत्र है जिसे शिव स्वयं काशी में मरने वाले को सुनाते हैं। यह मोक्ष का मंत्र है।
सर्वाधिक प्रचलित — 'श्री राम जय राम जय जय राम' — यह 13 अक्षरों का मंत्र है। स्वामी समर्थ रामदास ने इसे दासबोध में सर्वोत्तम बताया। हनुमान चालीसा में भी इसका उल्लेख है। किसी भी संकट में यह मंत्र 108 बार जपने से शीघ्र राहत मिलती है।
बीज मंत्र — 'रां रामाय नमः' — यह राम का बीज मंत्र है जिसे विपत्ति नाश के लिए जपते हैं।
राम गायत्री — 'ॐ दाशरथये विद्महे जानकीवल्लभाय धीमहि। तन्नो रामः प्रचोदयात्॥' — विशेष साधना के लिए राम गायत्री का जप किया जाता है।
मोक्ष मंत्र — 'राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥' — इस श्लोक का अर्थ है कि 'राम' नाम विष्णु सहस्रनाम के समतुल्य है। इसके नित्य जप से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
कौन सा कब — नित्य जप 'राम' और 'श्री राम जय राम जय जय राम'। संकट में 'रां रामाय नमः'। साधना में राम गायत्री।





