अस्त्र शस्त्रकोदंड धनुष क्या है?कोदंड राम का दिव्य बांस-निर्मित धनुष है। इस पर एक बार बाण चढ़ने पर वह अचूक लक्ष्य भेदकर ही लौटता था। इसी से उन्होंने राक्षसों का संहार किया और इसे उठाने मात्र से समुद्र देव प्रकट हो गए।#कोदंड धनुष#बांस#राम
अस्त्र शस्त्रअर्जुन के धनुष का नाम क्या है?अर्जुन के धनुष का नाम 'गांडीव' था। इसे विश्वकर्मा ने बनाया था। यह एक लाख धनुषों के बराबर, 108 प्रत्यंचाओं वाला अत्यंत दिव्य धनुष था।#गांडीव#अर्जुन#महाभारत
अस्त्र शस्त्रराम के धनुष का नाम क्या था?राम के धनुष का नाम 'कोदंड' था जिसका अर्थ बांस से निर्मित है। जनक स्वयंवर में उन्होंने शिव का 'पिनाक' तोड़ा था — वह कोदंड से अलग था। इसीलिए राम को 'कोदंडी' कहते हैं।#कोदंड#राम धनुष#पिनाक
शिव अस्त्र-शस्त्रपिनाक धनुष किसने बनाया थापिनाक धनुष का निर्माण देव-शिल्पी विश्वकर्मा ने किया था — दिव्य बाँस से। उन्होंने दो धनुष बनाए — पिनाक शिव को और सारंग विष्णु को दिया।#पिनाक निर्माण#विश्वकर्मा#ब्रह्मा
शिव अस्त्र-शस्त्रशिव जी के धनुष का नाम क्या हैशिव जी के धनुष का नाम 'पिनाक' है। इसी से शिव को 'पिनाकी' कहते हैं। इसी धनुष से त्रिपुरासुर-वध हुआ और बाद में सीता स्वयंवर में राम ने इसे तोड़ा।#पिनाक#शिव धनुष#दिव्य धनुष
अस्त्र शस्त्रकर्ण के धनुष का नाम क्या था?कर्ण के धनुष का नाम 'विजय' था जिसे परशुराम ने उसे दिया था। यह अखंड था, पाशुपतास्त्र से भी इसका घेरा नहीं टूटता था। यह धनुष न होने पर ही कर्ण का वध हो सका।#विजय धनुष#कर्ण#परशुराम
विष्णु अस्त्र शस्त्रशार्ङ्ग धनुष क्या है?शार्ङ्ग विष्णु का दिव्य धनुष है जिसे विश्वकर्मा ने बनाया था। विष्णु के विभिन्न अवतारों के माध्यम से यह ऋचिक → परशुराम → राम → वरुण → कृष्ण तक पहुँचा।#शार्ङ्ग धनुष#सारंग#विष्णु
महाभारतअर्जुन का गांडीव धनुष कहाँ से मिला?गांडीव धनुष मूलतः वरुणदेव के पास था जिसे उन्होंने अग्निदेव को दिया। खांडव वन दाह के समय अग्निदेव ने अर्जुन को यह दिव्य धनुष और अक्षय तरकश प्रदान किया। इसीलिए अर्जुन 'गांडीवधारी' कहलाए।#गांडीव#अर्जुन#अग्निदेव
अस्त्र शस्त्रगांडीव धनुष की विशेषता क्या थी?गांडीव एक लाख धनुषों के बराबर था, 108 अकाट्य प्रत्यंचाएं थीं, एक साथ कई लक्ष्य भेद सकता था, और जो धारण करे उसमें दिव्य शक्ति आती थी। साथ में अक्षय तरकश था जिसमें बाण कभी खत्म नहीं होते।#गांडीव विशेषता#अक्षय तरकश#एक लाख धनुष