ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

महादान से जुड़े सभी प्रश्न(11)

महादान पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 11 प्रश्न उपलब्ध हैं।

दिव्यास्त्र

दधीचि ने हड्डियाँ दान क्यों की थीं

वृत्रासुर को केवल दधीचि की अस्थियों से बने वज्र से ही मारा जा सकता था। ब्रह्मा की सलाह पर इंद्र ने दधीचि से निवेदन किया। महर्षि ने देव-कल्याण के लिए सहर्ष देह-त्याग किया — यह भारत का सर्वोच्च दान-प्रसंग है।

#दधीचि त्याग#देव कल्याण#वृत्रासुर
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

महादान आत्मा की पारलौकिक यात्रा में कैसे मदद करते हैं?

महादान वैतरणी पार कराने, पाप नाश, यमराज प्रसन्नता, भूत-पिशाच रक्षा, परलोक सुख और नरक रक्षा में सहायक हैं।

#महादान#पारलौकिक यात्रा#गोदान
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के बाद पुत्र द्वारा किए गए दान का फल कैसा होता है?

मृत्यु के बाद पुत्र द्वारा किए गए दान का फल सामान्य प्रभाव वाला बताया गया है।

#पुत्र द्वारा दान#मृत्यु के बाद#दान फल
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

बीमारी में दान करने का फल कितना बताया गया है?

बीमारी की अवस्था में दान करने का फल 100 गुना बताया गया है।

#बीमारी#दान फल#रुग्ण अवस्था
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

स्वस्थ अवस्था में दान करने का फल कितना बताया गया है?

स्वस्थ अवस्था में अपने हाथों से दान करने का फल 1000 गुना बताया गया है।

#स्वस्थ अवस्था#दान फल#महादान
पात्रता और महत्व

निसंतान दंपति को तुलसी विवाह क्यों करना चाहिए?

निसंतान दंपति के लिए: तुलसी को पुत्री मानकर विवाह करने से 'कन्यादान' का अक्षय पुण्य। 'कन्यादान' = महादान — त्रिलोकी में सबसे बड़ा दान। पद्म पुराण: इससे सर्वोच्च पुण्य की प्राप्ति।

#निसंतान तुलसी विवाह#कन्यादान पुण्य#महादान
स्तोत्र पाठ

एक बेलपत्र चढ़ाने से कितने दानों (कन्यादान, महादान) का फल मिलता है?

सिर्फ एक बेलपत्र चढ़ाने का पुण्य करोड़ों हाथी दान करने, सैकड़ों वाजपेय यज्ञ करने और करोड़ों कन्यादान करने के फल के बराबर होता है।

#महादान#पुण्य#सोमयज्ञ
पूजा विधि

श्राद्ध में कौन सी 10 चीजों का 'महादान' करना चाहिए?

पितरों के मार्ग की रुकावटें दूर करने के लिए श्राद्ध में 10 महादान करने चाहिए: गाय, ज़मीन, काले तिल, सोना, घी, कपड़े, अनाज, गुड़, चांदी और नमक का दान।

#महादान#दान विधान#पितृ मार्ग
जीवन एवं मृत्यु

कौन-कौन से दान श्रेष्ठ माने गए हैं?

गरुड़ पुराण में श्रेष्ठ दान हैं — गोदान (सर्वोच्च), भूमिदान, स्वर्णदान, अन्नदान, जलदान, तिलदान, वस्त्रदान और घटदान। इन्हें 'अष्टमहादान' कहा गया है जो मृत्यु के बाद यमार्ग पर सहायक बनते हैं।

#दान#श्रेष्ठ#महादान
गृहस्थ धर्म

महादान कौन से हैं फल क्या

10 महादान: गो/भूमि/तिल/स्वर्ण/घी/वस्त्र/धान्य/गुड़/रजत/लवण। गोदान=वैतरणी पार। अन्नदान=सबसे बड़ा। विद्या+अभय=सर्वोपरि। भाव>मात्रा। गीता: 'दातव्यम्'।

#महादान#दान#फल
वैदिक संस्कार

विवाह संस्कार में कन्यादान का क्या अर्थ है?

कन्यादान = सर्वश्रेष्ठ महादान। पिता कन्या का हाथ वर को सौंपता है। मूलतः 'पाणिग्रहण' = परस्पर हाथ ग्रहण। वर प्रतिज्ञा: धर्म, अर्थ, काम में अतिक्रमण नहीं करेगा। कन्यादान = उत्तरदायित्व हस्तांतरण, वस्तु-दान नहीं। पुण्य भूमि-गोदान से अधिक।

#कन्यादान#पाणिग्रहण#विवाह संस्कार
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।