लोकमहर्लोक में रोग, बुढ़ापा और भूख क्यों नहीं होती?महर्लोक विशुद्ध सत्त्वगुण से आच्छादित है जहाँ रजोगुण और तमोगुण का प्रवेश नहीं। इसलिए यहाँ रोग, बुढ़ापा, भूख, थकावट और क्रोध का पूर्णतः अभाव है।#महर्लोक#रोग#बुढ़ापा
मंत्र जप लाभमंत्र शक्ति से रोग मुक्ति संभव है या नहीं?शास्त्रीय: हां (महामृत्युंजय/धन्वंतरि)। वैज्ञानिक: stress↓→immunity↑। किन्तु: चिकित्सा विकल्प नहीं — सहायक/पूरक। गंभीर = डॉक्टर + मंत्र दोनों।#रोग#मुक्ति#मंत्र
लोकस्वर्ग में बुढ़ापा और रोग क्यों नहीं होते?स्वर्ग में दिव्य 'भोग-देह' मिलती है जो सात्त्विक ऊर्जा से बनी है। यह पृथ्वी के स्थूल शरीर जैसी नहीं है इसलिए यहाँ बुढ़ापा, रोग और भूख-प्यास नहीं होते।#स्वर्ग#बुढ़ापा#रोग
शिव मंदिरवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा से कौन से रोग दूर होते हैं?वैद्यनाथ = 'वैद्यों के नाथ' — शिव = आदि वैद्य। सभी रोग, विशेषतः असाध्य। रावण कथा — शिव से वैद्य बनने की प्रार्थना। सुल्तानगंज→देवघर कावड़ सबसे प्रसिद्ध। महामृत्युंजय जप। चिकित्सा का विकल्प नहीं।#वैद्यनाथ#ज्योतिर्लिंग#रोग
विज्ञान+धर्मसूर्य को जल अर्पित करने से रोग दूर होते क्या?शास्त्र: 'आरोग्यं भास्करात्'। वैज्ञानिक: Vitamin D(10-15 min), जल+किरणें=7 रंग(Color therapy), Circadian rhythm reset, ध्यान=मानसिक। सहायक — गंभीर=डॉक्टर+अर्घ्य।#सूर्य#जल#रोग
लोकपाताल लोक में बुढ़ापा और रोग क्यों नहीं होते?दिव्य औषधियों, जड़ी-बूटियों और रसों के कारण पाताल निवासियों को बुढ़ापा, रोग, झुर्रियां, थकान और दुर्गंध नहीं सताते।#पाताल लोक#बुढ़ापा#रोग
लोकमहातल लोक में बुढ़ापा और रोग क्यों नहीं होते?महातल में दिव्य औषधियों और रसायनों के कारण निवासियों को बुढ़ापा, रोग, थकान या कमजोरी नहीं होती।#महातल बुढ़ापा#रोग#दिव्य औषधि
लोकतलातल के जीव रोग और वृद्धावस्था से मुक्त क्यों रहते हैं?प्रबल पुण्य और तलातल के मायावी सुखद वातावरण के कारण वहाँ रोग और वृद्धावस्था नहीं होती।#तलातल जीव#रोग#वृद्धावस्था
लोकतलातल में रोग क्यों नहीं होते?तलातल के मायावी, स्थिर और सुखद वातावरण में शारीरिक या मानसिक रोग नहीं होते।#तलातल#रोग#मानसिक रोग
लोकजनलोक में बुढ़ापा, रोग और मृत्यु होती है क्या?नहीं, जनलोक में बुढ़ापा, रोग और मृत्यु का भय नहीं होता।#जनलोक#बुढ़ापा#रोग
लोकक्या तपोलोक के निवासी रोगी होते हैं?नहीं, वैराज देवगणों को रोग का भय नहीं होता क्योंकि वे स्थूल शरीर से रहित माने गए हैं।#तपोलोक#रोग#वैराज
लोकअतल लोक में बीमारी होती है क्या?नहीं, अतल लोक में बीमारी नहीं होती। यहाँ रोग, थकावट, बुढ़ापा और शारीरिक क्षय का पूर्णतः अभाव है।#अतल लोक#बीमारी#रोग
लोकअतल लोक में बुढ़ापा होता है क्या?नहीं, अतल लोक में बुढ़ापा नहीं होता। यहाँ के निवासी सदा युवा रहते हैं — रोग, थकावट, सफेद बाल और झुर्रियाँ नहीं होतीं।#अतल लोक#बुढ़ापा#रोग
रोग निवारणभगंदरा क्या है?भगंदरा का अर्थ है फिस्टुला — महेश्वर कवचम् पाचन और मल त्याग प्रणाली का संतुलन करके इसका निवारण करता है।#भगंदरा#फिस्टुला#पाचन प्रणाली
तंत्र उपायतंत्र में रोग मुक्ति के लिए कौन से मंत्र-यंत्र प्रभावी हैं?महामृत्युंजय मंत्र+यंत्र। धन्वंतरि मंत्र। सुदर्शन यंत्र। जप→जल→रोगी पिए। चिकित्सा विकल्प नहीं — सहायक। डॉक्टर अनिवार्य।#रोग#मुक्ति#मंत्र
योग+विज्ञानसूर्य नमस्कार से कौन से रोग ठीक होते हैं?मोटापा(400 cal/30min), Diabetes, BP, पाचन, पीठ, तनाव, थायराइड, PCOS, हृदय, त्वचा। 12 rounds/day=सम्पूर्ण। 'एक ही व्यायाम=सूर्य नमस्कार।' गर्भवती/हर्निया=योग शिक्षक।#सूर्य नमस्कार#रोग#योग
योग+विज्ञानप्राणायाम से कौन से रोग ठीक होते हैं?अस्थमा, BP, तनाव, अनिद्रा, मधुमेह, हृदय, मोटापा, माइग्रेन, साइनस, पाचन — सब में प्रमाणित। अनुलोम-विलोम=BP+तनाव। कपालभाति=मधुमेह+मोटापा। WHO मान्य। डॉक्टर सलाह।#प्राणायाम#रोग#स्वास्थ्य